संत शिरोमणि गुरु रविदास मन्दिर पंजाब ||चरण गंगा || charan ganga || vipin kant ||
Автор: VIPIN KANT421
Загружено: 2025-04-21
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🌸 संत शिरोमणि गुरु रविदास जी : पूरा जीवन परिचय 🌸
🔷 जन्म और प्रारंभिक जीवन
संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का जन्म लगभग 15वीं शताब्दी (लगभग 1450 ई.) में काशी (वर्तमान वाराणसी, उत्तर प्रदेश) में हुआ था।
उनका जन्म एक साधारण परिवार में हुआ। उनके पिता का नाम संतोख दास और माता का नाम कालसा देवी माना जाता है।
बाल्यकाल से ही गुरु रविदास जी में करुणा, सत्य और भक्ति के गुण दिखाई देने लगे थे।
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🔷 कर्म और जीवन-पथ
गुरु रविदास जी का पारंपरिक कार्य चर्मकारी (जूते बनाने का कार्य) था।
उन्होंने अपने कर्म को कभी हीन नहीं समझा और समाज को यह महान संदेश दिया कि—
कर्म से कोई छोटा-बड़ा नहीं होता, इंसान अपने विचारों से महान बनता है।
वे अपने श्रम से जीवन यापन करते थे और ईश्वर-भक्ति में लीन रहते थे।
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🔷 भक्ति आंदोलन में योगदान
गुरु रविदास जी भक्ति आंदोलन के महान संतों में से एक थे।
उन्होंने ईश्वर-भक्ति को आडंबर, जाति और भेदभाव से मुक्त बताया।
उनका मानना था कि ईश्वर तक पहुँचने का मार्ग सच्चा मन, प्रेम और समानता है।
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🔷 गुरु रविदास जी की शिक्षाएँ
गुरु रविदास जी ने समाज को अनेक अमूल्य शिक्षाएँ दीं, जिनमें प्रमुख हैं—
• सभी मनुष्य समान हैं
• जाति-पाति और ऊँच-नीच का कोई स्थान नहीं
• सच्चा धर्म मानवता है
• मन की शुद्धता सबसे बड़ी पूजा है
उनका प्रसिद्ध कथन है—
मन चंगा तो कठौती में गंगा
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🔷 मीरा बाई और अन्य शिष्य
गुरु रविदास जी की महान शिष्या मीरा बाई थीं।
मीरा बाई गुरु रविदास जी को अपना आध्यात्मिक गुरु मानती थीं और उनकी शिक्षाओं से अत्यंत प्रभावित थीं।
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🔷 गुरु ग्रंथ साहिब में वाणी
गुरु रविदास जी की 41 वाणियाँ सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब में सम्मिलित हैं।
यह उनके विचारों की महानता और सार्वभौमिक स्वीकार्यता का प्रमाण है।
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🔷 बेगमपुरा की कल्पना
गुरु रविदास जी ने एक आदर्श समाज की कल्पना की, जिसे उन्होंने “बेगमपुरा” कहा—
एक ऐसा समाज जहाँ:
• कोई दुख नहीं
• कोई भेदभाव नहीं
• सभी समान हों
• न्याय और प्रेम हो
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🔷 निधन
गुरु रविदास जी का निधन लगभग 1520 ई. के आसपास माना जाता है।
उनकी शिक्षाएँ आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा हैं।
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🔷 गुरु रविदास जी का महत्व
आज गुरु रविदास जी को:
• सामाजिक समानता के महान प्रतीक
• भक्ति आंदोलन के उज्ज्वल स्तंभ
• मानवता और प्रेम के सच्चे गुरु
के रूप में पूजा जाता है।
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🙏 निष्कर्ष
संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि
महानता जन्म से नहीं, विचार और कर्म से आती है।
📍 संत शिरोमणि गुरु रविदास जी | जीवन, विचार और संदेश | Spiritual Video
Description (Hindi):
नमस्कार दोस्तों 🙏
आज की इस वीडियो में हम बात कर रहे हैं संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के जीवन, उनके महान विचारों और समाज को दिए गए अमूल्य संदेशों के बारे में।
संत शिरोमणि गुरु रविदास जी भक्ति आंदोलन के महान संत थे। उन्होंने अपने जीवन में समानता, मानवता, प्रेम और कर्म की महिमा का संदेश दिया। उन्होंने जाति-पाति, ऊँच-नीच और भेदभाव का विरोध किया और कहा कि सभी मनुष्य ईश्वर की संतान हैं।
गुरु रविदास जी ने एक आदर्श समाज की कल्पना की जिसे उन्होंने बेगमपुरा कहा — जहाँ कोई दुख नहीं, कोई भेदभाव नहीं और सभी समान हों।
इस वीडियो में आप देखेंगे:
• गुरु रविदास जी का जीवन परिचय
• उनके अनमोल विचार और शिक्षाएँ
• समाज सुधार में उनका योगदान
• भक्ति और मानवता का सच्चा संदेश
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– Vipin Kant421
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