जैन कला शैली(मध्य कालीन कला) पोथी चित्रण UP TGTPGT LT कला || NITU MAM||
Автор: Aarya Art Academy
Загружено: 2026-02-21
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जैन कला शैली : विशेषताएँ, मूर्तिकला और चित्रकला |
TGT PGT (Art & Culture)
इस वीडियो में हम जैन कला शैली (Jain Art Style) का विस्तृत अध्ययन करेंगे,
जो भारतीय कला के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है।
जैन कला में मुख्य रूप से तीर्थंकरों की मूर्तियाँ, मंदिर वास्तुकला,
और पांडुलिपि चित्रकला (Manuscript Painting) प्रमुख हैं।
जैन कला की सबसे बड़ी विशेषता है — आध्यात्मिक शांति, ध्यान मुद्रा और प्रतीकात्मकता।
जैन मूर्तिकला में तीर्थंकरों को पद्मासन या खड़े हुए कायोत्सर्ग मुद्रा में दर्शाया जाता है।
मंदिर वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है दिलवाड़ा मंदिर।
जैन चित्रकला का सुंदर विकास गुजरात और राजस्थान में हुआ।
पांडुलिपि चित्रों में लाल, नीले और स्वर्ण रंगों का विशेष प्रयोग मिलता है।
यह विषय TGT PGT LT NET, तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
वीडियो में जानिए —
✔ जैन कला की प्रमुख विशेषताएँ
✔ मूर्तिकला एवं वास्तुकला के उदाहरण
✔ परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
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