संध्या कालीन स्तुति विनती प्रार्थना महर्षि मेही बाबा कुप्पाघट भागलपुर बिहार
Автор: sundram video leb
Загружено: 2026-01-20
Просмотров: 6
Описание:
संतमत में हर रोज गाए जाने वाला स्तुति प्रार्थना।
संध्या कालीन स्तुति प्रार्थना
संतमत सत्संग में हर रोज किए जाने वाला स्तुति प्रार्थना जो कि दोपहर और शाम में किया जाता है।
यह स्थिति महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज द्वारा रचित है और इसे गीत बात किया है स्वामी सनातन जी महाराज ने।
Artist Details:
Written By: महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज
Singer: स्वामी सनातन जी महराज
विश्व के प्राय : हर देश के इतिहास में ऐसे महापुरूषों का उल्लेख मिलता है जिनका प्रादुर्भाव विश्व - उपकार - हित हुआ। सृष्टि में जब से मानव का आविर्भाव हुआ, तबसे उनके कल्याण का मार्ग-दर्शन करानेवाले कोर्इ-न-कोर्इ ऐसे महापुरूष होते ही रहे है।
सभी प्राणी सदा शान्ति की कामना रखते है। शान्ति की खोज प्राचीन काल में सर्वप्रथम ऋषियों ने की । इस शान्ति को प्राप्त करने वाले आधुनिक युग में सन्त कहलाये । इन सन्तो के मत को ही असल में सन्तमत कहते हैं। इसकी पूर्णरूप से व्याख्या ‘सन्तमत की परिभाषा’ में बहुत ही उत्तम ढंग से आ रही है, जो इस प्रकार हैं-
1 शान्ति स्थिरता वा निश्चलता को कहते है
2 शान्ति को जो प्राप्त कर लेते हैं, सन्त कहलाते हैं।
3 सन्तों के मत वा धर्म को सन्तमत कहते हैं।
4 शान्ति प्राप्त करने का प्रेरण मनुष्यों के हृदय में स्वाभाविक ही है। प्राचीन काल में ऋषियों ने इसी प्रेरण से प्रेरित होकर इसकी पूरी खोज की और इसकी प्राप्ति के विचारों को उपनिषदों में वर्णन किया । इन्हीं विचारों से मिलते हुए विचारों को कबीर साहब और गुरु नानक साहब आदि सन्तों ने भी भारती और पंजाबी आदि भाषाओं में सर्वसाधारण के उपकारार्थ वर्णन किया , इन विचारों को ही संतमत कहते हैं , परन्तु संतमत की मूल भित्ति तो उपनिषद् के वाक्यों को ही मानने पड़ते हैं, क्योंकि जिस ऊँचे ज्ञान का तथा उस ज्ञान के पद तक पहुँचाने के जिस विशेष साधन नादानुसंधान अर्थात् सुरत - शब्द - योग का गौरव मंतमत को है , वे तो अति प्राचीन काल की इसी भित्ति पर अंकित होकर जगमगा रहे हैं । भिन्न - भिन्न काल तथा देशों में संतों के प्रकट होने के कारण तथा इनके भिन्न - भिन्न नामों पर इनके अनुयायियों द्वारा संतमत के भिन्न - भिन्न नामकरण होने के कारण संतों के मत में पृथक्त्व ज्ञात होता है , परन्तु यदि मोटी और बाहरी बातो को तथा पंथाई भावों को हटाकर विचारा जाय और संतों के मूल एवं सार विचारों को ग्रहण किया जाए , तो यही सिद्ध होगा कि सब सन्तो का एक ही मत है ।
#सुंदरम वीडियो लेब
👉Join On My you tub
• #video कृष्ण लला की कहानी| shri krishna la...
Search Results:
#कुप्पाघाट आश्रम
#संतमत
#मेहीबाबा भजन
#भजन
#महर्षि मेंही आश्रम कुप्पाघाट भागलपुर #Kuppaghat
#Santmat
#Mehubababhajan
#Bhajan Creation
#Maharshi Mehi Ashram Kuppaghat Bhagalpur
#Lnsingh
नमस्कार,
मैं हूं L.N Singh आप देख रहे हैं महर्षि मेंही भजन ......
मेरा उद्देश्य है कि मैं संतमत का प्रचार प्रसार में अपना योगदान दू
मैं आप लोगों के लिए इस चैनल पर अच्छे-अच्छे भजन और सत्संग का वीडियो लाता रहूंगा।
और आपको यकीन दिलाते हैं कि यहां पर वीडियो आसानी से आप कम साइज में अच्छे क्वालिटी डाउनलोड भी कर सकते हैं।
हम आपके सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इस पर वीडियो अपलोड करूंगा जिससे कि आप आसानी से वीडियो देख पाएंगे और डाउनलोड भी कर पाएंगे पाऐंगे अतः आपसे निवेदन है कि संतमत के इस चैनल को नंबर 1 बनाने में हमारा सहयोग करें ।
👉हमारे चैनल को लाइक, सब्सक्राइब और इसे शेयर करना ना भूलें
धन्यवाद।🙏
|| जय गुरुदेव ||
Contact details:
Contact Number:- +919801739005
Email Address:- [email protected]
Повторяем попытку...
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео
-
Информация по загрузке: