!!🌿ज्ञान के बाद मनमानी की तो सब नष्ट हो सकता है! ज्ञान के बाद भी अहंकार क्यों उठता है?🌿!!
Автор: Prabhukibhaktii
Загружено: 2026-02-26
Просмотров: 34
Описание:
ज्ञान होने के बाद भी अहंकार क्यों उठता है?
यदि आत्मा का स्वरूप स्पष्ट हो गया, ब्रह्मबोध का अनुभव हो गया, फिर भी व्यवहार में कर्तापन, अहंकार या नानात्म्य का स्पर्श क्यों रह जाता है?
इस वीडियो में वेदान्त के अत्यंत सूक्ष्म प्रश्न का समाधान प्रस्तुत है —
जैसे स्वप्न को स्वप्न जान लेने के बाद वह हमें प्रभावित नहीं कर पाता, वैसे ही संसार मिथ्या जान लेने के बाद भी संस्कारों का हल्का उदय क्यों दिखाई देता है?
क्या यह शेष प्रारब्ध है?
क्या यह केवल अंतःकरण की वृत्ति है?
क्या ब्रह्मज्ञानी को भी सावधानी और अभ्यास की आवश्यकता होती है?
स्मरण रहे —
आत्मा कभी बंधी नहीं थी, नहीं है, न कभी बंधेगी। केवल अंतःकरण का भ्रम मिटना है।
इसलिए भगवान का नाम, सत्संग, असंगता और सावधानी — यही ज्ञान की रक्षा है।
यदि आप वेदान्त, आत्मविचार, ब्रह्मज्ञान, साधना, नामजप और संतवाणी में रुचि रखते हैं, तो यह वीडियो अवश्य देखें और साधना में स्थिरता प्राप्त करें।
यह वीडियो पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज जी के दिव्य उपदेशों पर आधारित है।
इसका उद्देश्य भक्ति, वैराग्य और प्रभु-स्मरण के माध्यम से
मानव जीवन को सरल, पवित्र और श्रेष्ठ बनाना है।
यह वीडियो केवल शिक्षा, सत्संग और आध्यात्मिक प्रेरणा के लिए बनाया गया है।
हम मूल स्रोत एवं मूल रचनाकार का पूर्ण सम्मान करते हैं।
🙏 राधे राधे 🙏
#PremanandJiMaharaj
#PremanandJi
#BhajanMarg
#EkantikVartalap
#RadheRadhe
#KrishnaBhakti
#RadhaKrishna
#BhaktiMarg
#SanatanDharm
#Vrindavan
📌 Thumbnail & Visual: Devotional Artwork (AI-assisted)
📌 Content: Spiritual discourse inspired by Sant-parampara
📌 Language: Hindi
📌 Special Credit: @bhajanmarg
Fair Use Disclaimer:
This content is used for educational and spiritual purposes under Fair Use
as per Section 107 of the Copyright Act.
Повторяем попытку...
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео
-
Информация по загрузке: