ANAND ASHRAM TOSHAM
तेरा सुना मानस शरीर प्यारे गुरु बिना 🌹♥️🙏
किसने दर्द बताओ रि मेरे तन विच रोग यो लागया 🌹♥️🙏
बख्श दियो बख्श दियो मे ओ गण हारा गुणगार सु भारी 🌹🙏♥️
सत्संग नाम की गंगा हे कोई नावे चतर सुजान 🙏♥️🌹
सतगुरु से करूं विनती गुरु चरणों में चित लाए 🌹♥️🙏
आपे दारामदारी मेरा सतगुरु आपे खेल खिलाड़ी हो 🙏🌹♥️
सतगुरु तेरा करले ने बैरा बसता तेरे माही 🌹🌹🙏
सतगुरु सतगुरु जपना हो तो बंजया नाम शिकारी 🌹🙏🌹
तने हीरा सा जनम गवाया भजन बीना बावरे 🙏🌹♥️
मेरा धर दिया नाम फकीर फकीरी गुरु तुम्ही निभावोगे ♥️🌹🙏
गुरु चरण की छाया घेहरी बैठे गा कोई भागी रि 🙏🌹♥️
आज तेरे धर पे आया बनके भिखारी दया करके सुनेल हरज हमारी 🙏🌹♥️
तेरे सर जावेंग सब काम नाम ने हृदय मे धर ले 🙏🌹
परम संत परमानंद जी की विनती 🙏🌹